अजमते मुस्तफा नात

अजमते मुस्तफा देखिए देखिए,
लेने आया बुराक देखिए देखिए. 

ताजीम मे फरिश्ते बा अदब खड़े, 
दीद के मुन्तजिर देखिए देखिए. 

परे जिबरील साया किए है, 
बुराक इतरा रहा शोखपन देखिए देखिए. 

महबूब व रब रूबरू हो गए, 
अंदाजे गुफ़्तगू देखिए देखिए. 

अर्श आजम पे मेराज आक़ा हुई, 
ईद जैसा समां देखिए देखिए. 

नमाजें लाए हुजूर मर्तबा बढ़ गया, 
फ़रशे मेराज मोमिन हुआ देखिए देखिए. 

रही कुंढी मे जुमबिश बिस्तर भी रहा गर्म, 
'मुफ़लिस' वापसी हो गयी देखिए देखिए. 



- मुस्तफीजुल हक़ 'मुफ़लिस'
मझौवा तोग शाहपुर गोंडा उत्तर प्रदेश 


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