ज़िक्र ए खुदा कतआ

ज़िक्र ए खुदा किया करो फरशे जमीन पर, 
अल्लाह ज़िक्र करता है अर्शे अजीम पर. 

ज़ाकिर का हुआ करता है मर्तबा बुलंद, 
कुदरत का ये सिला है ज़िक्र ए अजीम पर. 

अज्म व हिम्मत से काम ले 'मुफ़लिस' 
नजर रख खालिक की शाने अजीम पर. 




- मुस्तफीजुल हक़ 'मुफ़लिस'
मझौवा तोग शाहपुर गोंडा उत्तर प्रदेश 

Comments

Popular posts from this blog

आज मेरी रामीन छह महीने की हो गई

GEM Award (Q1 - 2025) Emirates Islamic Bank

हैप्पी 1st बर्थडे मेरी जान