अजमेर की धरती कतआ
अजमेर की धरती पे मजमए आम है,
बेहद हसीं और खुशनुमा ये शाम है.
ख्वाजा ख्वाजा कह रहा है हर बशर,
हर जुबां पे आज उनका नाम है.
बिला ताखीर हस्ब म मंसा मुराद मिलती है,
जायरो 'मुफ़लिस' का ये पैगाम है.
मझौवा तोग शाहपुर गोंडा उत्तर प्रदेश
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