बुराई करने नात

बुराई करने वालों का बुरा अंजाम होता है, 
शक़्ल इंसान मे शैतानियत का काम होता है. 

मौत आने से पहले ही मिजाज अपना बदल डालो, 
भलाई और नेकी का खुदा पैगाम देता है. 

ये दुनिया जा-ए-इबरत और नसीहत की जगह भी है, 
जिसने सीख ली इससे उसी का नाम होता है. 

इंसां की जिंदगी मिस्ले हुबाब है, 
ना समझी अहमियत जिसने 'मुफ़लिस, वही नाकाम होता है. 

- मुस्तफीजुल हक़ 'मुफ़लिस'
मझौवा तोग शाहपुर गोंडा उत्तर प्रदेश 

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