रामीन : इक नई रात
वैसे तो दुनिया की हर रात अपनी एक कहानी लेकर आती है, लेकिन 27 जनवरी 2025 की रात जावेद परिवार के लिए कुछ खास थी। इस रात में जो खामोशी थी, वो हर रात की खामोशी से अलग थी। आसमान पर तारों की रोशनी में एक अनकही चमक थी और दिलों में एक अजीब सी बेचैनी। एक नई रात, एक नई ज़िंदगी। सर्दी की वो रात बाकी दिनों की तरह लग रही थी, लेकिन शायद आज कुदरत ने कुछ अलग सोचा था। हवा में एक अजीब सी नरमी थी, और घड़ी की सुइयां जैसे किसी खास पल का इंतज़ार कर रही थीं। ये रात बाकियों से अलग थी, क्योंकि आज मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली थी। अस्पताल के उस छोटे से कमरे में बैठा, मैं हर एक पल गिन रहा था। अंदर से नर्स की हलचल और बाहर इंतज़ार करते मेरे परिवार की दुआएं—सबकुछ जैसे ठहर सा गया था। तभी एक चीख सी सुनाई दी, और फिर कुछ ही पलों में एक मासूम सी रोने की आवाज़ मेरे कानों तक पहुंची। मेरी धड़कनें तेज हो गईं। “मुबारक हो, आपकी बेटी हुई है,” नर्स ने मुस्कुराते हुए कहा। कुछ पलों के लिए जैसे पूरी दुनिया थम गई। जब मैंने उसे पहली बार देखा, वो मेरे हाथों में एक नन्हीं परी की तरह लग रही थी। उसका मासूम चेहरा, उसकी बंद आँखें, ...